रविवार, 26 जनवरी 2014

"घसीटेंगे तुझे तेरे सुसाइड तक"

                    अभी इधर आर्यावृत में अंतहीन बलात्कारों  की श्रेणी में जइसे ही लेटस्ट वाला अपडेट हुआ नहीं , के ऑनलाइन गुप्त सूत्र वाला  सर्चिंग ऑपरेशन  चालू हो चुका होगा …।  किशोरी के कपड़े वियाग्रा टाइप तो नही थे …दलित थी ,ब्राह्मण थी , आदिवासी थी , जमींदार थी, बुजुर्वा थी , मजदूर थी  ......पहाड़ी थी , मैदानी थी , नॉर्थ इंडियन कि साउथ ????? धर्म कर्म में कछु विस्वास था के नहीं। ...लेट नाईट पार्टी जाती थी के नही , कौन प्रसाधन  लगाती थी .  जइसे ही इ गूगल कछु उगल दे , किसी अपडेट से पता चले खेमे वाले तैयार , उठाइके हथियार कुतर्को से लैस  , इहाँ  दोबारा चौपाल लगाते है। 

                          आम -वाम  ,  खास -खासमखास , अराजक -स्वराजक , मनुवादी -मुन्नीवादी , 56 सीनाजोर- ऎ के 47- 12 बोर   ,अहिंसक और आदमखोर सभी निमंत्रित है , आओ गणतंत्र दिवस पे पद - संचालन की परंपरा  का अनुसरण करते  हुए एक स्वर में चिल्लायें .... लेफ्ट राईट लेफ्ट , लाभपुर की हानि के उपलक्ष में समाज को कायर-भूम बनायें, गरियायें ,लतियाये .. चिल्लाये और तिस पर जारी कर दें फतवे सा  मैग्नाकार्टा उसी चौपाल कि तरह ....  कि वो हमारी  बिरादरी से बाहर है, ये अंदर है।         

                           मेट्रो का लास्ट स्टॉप आते आते कुछ अइसा अपडेट कर दें ,कुछ साबित कर दें , जिससे मर्दों को दर्द न हो।  सारी दामिनियां मोमबत्ती की लौ बुझते-बुझते बुझ जाये और हम  इंडिया गेट के तालाब में चिप्स पैकेट फेंकने से मरती मछलियों के तड़पने का चित्र बनाएँ।  जंतर मंतर कि भूलभुलैया में शोकपाल मनाये!!!!    जिसे हमारी बिरादरी के  अंदर रहना है सोशल साइट्स के मंच पर आये कपड़े उतार  के, वरना चीरहरण करवाए।।।।     "घसीटेंगे तुझे तेरे सुसाइड तक" का नारा लगा के, वरना  हम  भी मर्द नही , उत्तरआधुनिकतावाद के ....... .   
                          कही से पता करो  नक्सल प्रभावित एरिया में तो नही लगी चौपाल , सरकारी मशीनरी बंगाल कि खाड़ी से अभिक्रिया कर जंगभरी हो गई है खबरदार!!!! ई जंग साफ होगा  , अब उस नासमझ युवा के सिर से  खून से जो  इंडिया गेट , राष्ट्रपति भवन के पास गुस्से से मुँह फुलाए जायेगा  !!! बैठे रहो बच्चू धुप सेको और मूंगफली के उपर बहाने छिड़को और खा जाओ   !  मोमबतियां न जलाओ आजकल बिजली सस्ती हो गई है। 
                            समाज शास्त्रीयों!!!!! इस समूची हरकत को जस्टिफाई कर डालो समाज  जो देता है इतना कुछ  और  अपने आप में व्यवस्था की छोटी इकाई है ......  के नियम  है ,  मानने होंगे। 

 सभी क्रूर सिंह के क्लोन हथकंडे बाज मर्दों को जीत की अग्रिम लख -लख  बधाइयां ................ 


शनिवार, 25 जनवरी 2014

कायर भूमि में चौपाल

कायर भूमि में चौपाल

 अभद्र अनर्थ अशिष्ट !!!!!
एक स्वर में गुर्राए, खूसट

 भरी चौपाल , 
करो हलाल,
ढीले नाड़े ,
टूट पड़े ......

नोंचते रहे ,खोंसते रहे,
 रह -रह  खींसे निपोरते रहे 

प्रेमस्वप्न , निरीह यौवन, सौम्य बालिका 
क्यों बनी बिरादरी के बाहर प्रेमिका ........ 
                                                      अरविन्द